Archive for the 'पॉडपत्रिका' Category

पॉडभारती अंक 4 : अंशुल ने मचाया गदर

Monday, July 23rd, 2007

श्रोताओं की शिकायत रही है कि पॉडभारती का रवैया गीत-संगीत और सिनेमा के प्रति बेरूखी का रहा है। हमें पूरा यकीन है कि पॉडभारती के इस अंक में यह शिकायत दूर हो जायेगी। हमारे चतुर्थ अंक में आप सुन सकते है:

भारत-पाकिस्तान के बंटवारे की पृष्ठभूमि पर बनी फिल्म गदर का अनूठा पॉडिकरण
सिलिकन वैली में रहने [...]

पॉडभारती अंक 3 : मायावती पर फ्रेश रिलायंस

Sunday, May 20th, 2007

पॉडभारती के पॉडज़ीन स्वरूप में इज़ाफा करते हुये हम इसके तृतीय अंक में सामयिक घटनाओं के विश्लेषण शामिल कर रहे हैं। हमारे तृतीय अंक में आप सुन सकते हैं,

पॉडभारती के विगत अंकों पर श्रोताओं की राय का अवलोकन व हमारी प्रतिक्रिया,
13 मई 2007 को राँची में रिलायंस फ्रेश सुपरमार्केट पर पथराव की घटना के दूरगामी [...]