लीक से हटकर 2
“लीक से हटकर” स्तंभ के अंतर्गत हर पखवाड़े हम आपसे किसी विषय पर राय माँगते हैं और उसके आधार पर एक कलाईडोस्कोपिय रपट पॉडभारती में पेश करते हैं। “लीक से हटकर” का अगला सवाल है चिट्ठों यानि ब्लॉग्स के बारे में।
चिट्ठे लोकप्रिय इसलिये हुये क्योंकि वे ऐसे मुद्दों पर बात करते हैं जो आम तौर पर मुख्यधारा के मीडिया के रडार के बाहर हैं। कुछ लोग मानते हैं कि ब्लॉग से सामाजिक बदलाव भी लाया जा सकता है जबकि अधिकाँश पारंपरिक ब्लॉग के प्रारूप में निजी बातों, समाचारों पर विचार, समीक्षाओं या तकनीकी जानकारी से भरे होते हैं। पर क्या आप किसी लीक से हटकर ब्लॉग के बारे में जानते हैं जो आम चिट्ठों की भीड़ से एकदम जुदा हो, जिसे पढ़कर लगा हो कि वाह यह है अर्थपूर्ण ब्लॉगिंग। आप अंग्रेज़ी या भारतीय भाषा के किसी भी ऐसे चिट्ठे के बारे में हमें अपनी संक्षिप्त रिकार्डिंग भेज दें। आप हमें ईमेल द्वारा भी विवरण भेज सकते हैं। विवरण में ब्लॉग का पता ज़रूर लिखें और विस्तार से अपनी राय बतायें कि क्यों फलां ब्लॉग आपको लीक से हटकर लगा। आपकी रिकार्डिंग या विवरण हमें अगले दस दिनों में मिल जाने चाहिये। हमारा पता है podbharti एट gmail डॉट कॉम।
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March 16th, 2008 at 9:39 am
[…] देबाशीष भी अजब-गजब हैं। कहते हैं लीक से हटकर कुछ करो। अरे हम कोई शायर, सिंह, सपूत […]