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पॉडभारती लाईट की शुरुवात

Categories: घोषणा
श्रोता मित्रों, आज से हम "पॉडभारती लाईट" की शुरुवात कर रहे हैं। पॉडभारती लाईट में हम हमारे पॉडज़ीन के पूर्व अंकों से चुनिंदा पॉडकास्ट एकल रूप में प्रस्तुत करेंगे जिन्हें आप फुरसत में आसानी से सुन सकें। पॉडभारती का प्रारूप एक पॉडज़ीन का रहा है, अपने एक एपीसोड या अंक में हम विविध विषयों पर तीन पॉडकास्ट शामिल करते रहे हैं। मंतव्य रहा है, हर अंक को एक पत्रिका का रूप देना। पर हमारे कई पाठक हम से पॉडकास्ट को अलग अलग मुहैया कराने की भी गुजारिश करते रहे हैं। सबके अलग अलग कारण रहे, कोई डाउनलोड साईज़ बड़ा होने से खफा था तो कुछ चाहते थे कि अपने पसंदीदा पॉडकास्ट को अपने ब्लॉग पोस्ट में एम्बेड कर सकें। पॉडभारती लाईट, यानि पॉडभारती का हल्का फुल्का संस्करण, उसी की परिणति है। पॉडभारती लाईट में हम पॉडभारती के पुराने अंकों से चुनिंदा पॉडकास्ट पेश करेंगे। पॉडभारती के नये अंको के जारी होने के कुछ दिनों बाद चुनिंदा पॉडकास्ट का लाईट संस्करण जारी किया जायेगा। पर इतना ही नहीं पॉडभारती लाईट में हम समय समय पर अलहदा पॉडकास्ट भी प्रकाशित करेंगे जो कि मुख्य अंक में शामिल नहीं किये जायेंगे या पॉडज़ीन की रूपरेखा में न समाते हो। आशा है आपको यह प्रयोग पसंद आयेगा। हमें आपकी राय जानने का इंतज़ार रहेगा। पहले दौर में पॉडभारती लाईट में हम पेश कर रहे हैं:
  • पॉडभारती के पहले अंक से गूगल ट्राँस्लिटरेशन टूल की विस्तृत जानकारी, रवि रतलामी की ज़ुबानी।
  • पॉडभारती के पहले अंक से ही मुहल्ला ब्लॉग पर बीते साल हुये विवाद पर शशि सिंह की खास रपट, जिसमें है अविनाश, रवीश कुमार और संजय बेंगानी के बयान भी।
  • पॉडभारती के तृतीय अंक से रिलायंश फ्रेश की शुरुवाती दौर में राँची में खुदरा व्यवसाईयों द्वारा किये हमले के दूरगामी परिणाम देखने का प्रयास करती देबाशीष की एक रपट जिसमें बातचीत की गई चिट्ठाकार अफ़लातून
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