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अंक 9 : सामुदायिक रेडियो की दीवानगी

Categories: पॉडपत्रिका
पॉडभारती के नवें अंक में आप सुन सकते हैं
- भारत में सामुदायिक यानि कम्यूनिटी रेडियो व कैंपस रेडियो परिदृश्य पर एक रपट,
- ‍लोकप्रिय पॉडकास्टर उन्मुक्त का एमपी‍3 की बजाय ओग फार्मेट से लगाव के कारणों का खुलासा और,
- उभरते गायक और भाईबहन की जोड़ी "खुशी और नौज़ाद" के एल्बम "अमेरिका में इंडिया" से एक मधुर गीत [पूरा पढ़ें]

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अंक 5 : थम न जाये जलधारा

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पॉडभारती के पांचवें पड़ाव शामिल है:
-जलसंकट पर दैनिक भास्कर समूह में संपादक विकास मिश्र की संक्षिप्त वार्ता
-जल संरक्षण के मुद्दे पर दो खूबसूरत गीत, मशहूर ग़जल गायक भुपिंदर सिंह और रघुनाथ सरन की आवाज़ में
-किरण बेदी के साथ हुये अन्याय के बहाने नारी अधिकारों की बात कर रही हैं मुम्बई से वरिष्ठ पत्रकार सीमा अनंत
-ब्रिटेन में ग्लासगो मामले के बाद के हालात पर लंदन से नीरू कोठारी की खास रिपोर्ट [पूरा पढ़ें]

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अंक 4 : अंशुल ने मचाया गदर

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पॉडभारती के चतुर्थ अंक में आप सुन सकते है:
-भारत-पाकिस्तान के बंटवारे की पृष्ठभूमि पर बनी फिल्म गदर का अनूठा पॉडिकरण
-सिलिकन वैली में रहने वाले 13 साल के बेहद प्रतिभाशाली एनआरआई बालक अंशुल समर से खास बातचीत और
-कनाडा की उड़न तस्तरी यानी स्टार ब्लॉगर समीरलाल की एक अलग तरह की प्रतिभा की एक झलक। [पूरा पढ़ें]

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अंक 2 : मातृत्व दिवस विशेष

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हमारे समाज में मां को एक देवी का दर्जा मिला हुआ है और इसी की बदौलत मातृत्व को संसार का सबसे बड़ा सुख माना जाता है। मगर दु:ख कि बात यह है कि कुछ मांएं ऐसी भी हैं जिन्हें न तो देवी माना जाता है और न ही उनका मातृत्व सुख का कारण है। हम उन औरतों की बात कर रहे हैं जिन्हें ये समाज वेश्यायें, रंडी, तवायफ और न जाने किन-किन नामों से पकारता है, उनके मातृत्व को पाप और कलंक कहता है। ऐसी ही कुछ मांओं से कीजिये मुलाकात और जानिये उनके बच्चों और उनके सपनों को पॉडभारती के इस मदर्स डे विशेषांक में। कार्यक्रम की परिकल्पना व संचालन किया है शशि सिंह ने। [पूरा पढ़ें]

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